महाविद्यालय के हिन्दी विभाग में स्नातक की शुरुआत 1953 से हुई एवं परास्नातक की शुरुआत 60 सीटों सहित सन् 1984 से हुई। हिन्दी विभाग ज्ञान, संस्कृति एवं साहित्य की समृद्ध परंपरा के आगे उन्नत शैक्षणिक उत्कृष्टता शोधोन्मुख चिंतन तथा रचनात्मक अभिव्यक्ति के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। विभाग निरंतर विद्यार्थियों में भाषा कौशल, साहित्यिक संवेदनशीलता तथा मानवीय मूल्यों का विकास करता रहा है। विभाग में निर्धारित शैक्षणिक पाठ्यक्रम का नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण अध्यापन का कार्य किया जाता है। विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति के लिए कक्षा, परिचर्चा ,व्याख्यान माला, पुस्तक समीक्षा तथा सतत् आंतरिक मूल्यांकन जैसी गतिविधियों का सफलतापूर्वक संचालन किया जाता है। विभाग के शिक्षकों ने विद्यार्थियों को अध्ययन के साथ-साथ शोध एवं सृजनात्मक लेखन के लिए सतत प्रेरित किया है। विभाग द्वारा हिन्दी दिवस, मातृभाषा दिवस, साहित्यकारों की कृतियों का मंचन, कविता पाठ, भाषण प्रतियोगिता, निबंध लेखन तथा अन्य साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है। इन आयोजनों से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, अभिव्यक्ति कौशल और साहित्यिक अभिरुचि को नयी दिशा प्राप्त होती है।
विभाग नवीन शिक्षण पद्धतियों जैसे-
लघु शोध परियोजना, नवाचार, साहित्यिक सृजन, रिसर्च प्रोजेक्ट आदि गतिविधियों के माध्यम से भी समाजोपयोगी व विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है।विभाग का विश्वास है कि भाषा एवं साहित्य के माध्यम से संवेदनशील, सृजनशील तथा उत्तरदायी नागरिकों का निर्माण ही इसकी सबसे बड़ी उपलब्धि है।
Dr. Shubha Bajpai
Head of Department